पड़ोस में एक जाना-पहचाना विकृत बुज़ुर्ग आदमी चल बसा। उस रात, मिज़ुकी को अपने सीने में कुछ अजीब सा महसूस हुआ... पता चला कि वह उसके दादाजी का भूत था, उसकी अपनी आत्मा, जो उसके स्तनों को सहला रही थी! तब से, उसे उस विकृत बुज़ुर्ग द्वारा उसके स्तनों को सहलाने का डर सता रहा था! मिज़ुकी के निप्पल लगातार उत्तेजित हो रहे थे, जिससे उसे आनंद मिल रहा था! इस विकृत बुज़ुर्ग को मोक्ष दिलाने में हम क्या मदद कर सकते हैं?