काज़ुया अपनी प्रेमिका की माँ, साए के मोहक आकर्षण में पूरी तरह खो गया था। उससे निकलने वाली स्त्री सुगंध के कारण उसे अनैच्छिक रूप से उत्तेजना होने लगी। साए ने काज़ुया की इस मदहोश हालत को देखा और शरारती अंदाज़ में उसके करीब आकर उसे होश में लाने की कोशिश की। उसका सुडौल, आकर्षक शरीर, उसके उभरे हुए स्तन जो किसी भी क्षण कपड़ों को चीरते हुए प्रतीत होते थे, और उसकी माहिर मोहक अदाओं ने काज़ुया को अपने वश में कर लिया था…